बाढ़ग्रस्त बिहार पर यह रिपोर्ट आपको सदमे में डाल सकती है

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बाढ़ग्रस्त बिहार पर यह रिपोर्ट आपको सदमे में डाल सकती है।

बिहार की स्थिति पिछले कुछ महीनों से बाढ़ के कारण अति दयनीय है। मुसीबत की इस घडी में बयानबाजियों का दौर चरम सीमा पर है। राज्य और केंद्र के नेताओं के बीच आरोप प्रत्यारोप की होड़ लगी है, लेकिन कुछ नेता विपदा की इस घड़ी में राहत कार्य में दिलों जान से लगे रहे। उन नेताओं में आज हम बात कर रहे हैं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री रामकृपाल यादव की। बाढ़ के बाद सरकार के द्वारा दी जानेवाली हर सहायता को तेज करवाने के साथ-साथ व्यक्तिगत रूप से हर संभव सहायता उन्होंने प्रदान किया। उन जगहों पर गए जहाँ पर राहत-दल भी नहीं पहुंचा, कई मर्तबा इनकी जान को भी खतरा हुआ जब इनकी नाव डूबने से बची। लेकिन इन्होंने प्रयास नहीं छोड़ा। विरोधियों से भी एकजुट होकर राहत-कार्य को तेज करने की अपील की। बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने जब बाहरी व्यक्तियों को राहत कार्य से दूर रहने की हिदायत दी तब ये और ऊर्जा और लगन से बाढ़पीड़ितों के सहायता में लगे रहें। बाढ़ग्रस्त बिहार में स्थानीय नेताओं की लापरवाही की जब पड़ताल की गयी तो जो सच सामने आया उसे जानकर हर कोई सदमे में चला जाएगा। क्योंकि अगर सभी नेता अपने-अपने कर्तव्यों का सही ढंग से निर्वहन करते तो बाढ़ की भयानकता को बहुत कम किया जा सकता था।

सटीक विश्लेशण :

जब ख़बरों की पड़ताल की गयी तो हर खबर को सत्य पाया गया, बाढ़ पीड़ितों के बीच रामकृपाल यादव की मौजूदगी और सहायता की प्रवृति के कारण पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र की जनता के बीच इनकी लोकप्रियता में काफी इजाफा हुआ है।

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